
दिवाली
भूल भाल कर वैर भाव को
मिलकर प्रेम की रीत निभाओ ।
दिवाली के इस शुभ अवसर पर
मन से मन का दीप जलाओ ।।
है क्या तेरा और क्या मेरा
हो जीवन में सबके सवेरा,
दूर करो मन का अंधियारा,
निंदा नफरत से छूटकारा पाओ… ।।
दिवाली के इस शुभ अवसर पर
मन से मन का दीप जलाओ ।।
लड्डू बर्फी चिवडा चकरी,
खाओ मिठाई जमकर सारी,
फोडो फटाके कही फुरवारी,
बस, प्रदूषण धुएं से बचाओ… ।।
दिवाली के इस शुभ अवसर पर
मन से मन का दीप जलाओ ।।
नये साल की खुशीयां मनाके,
भाई दुज पर दोनोंभी सजके,
मात पिता से आशीष पाके,
चारों तरफ खुशहाली बिखराओ… ।।
दिवाली के इस शुभ अवसर पर
मन से मन का दीप जलाओ ।।
(एकमेव हिंदी रचना)

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